यमुनानगर, 22 मई।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), यमुनानगर द्वारा जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), यमुनानगर के सहयोग से एडीआर सेंटर, यमुनानगर में एक दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माननीय मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, यमुनानगर श्रीमती सुमित्रा कादियान के मार्गदर्शन में किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कानून से संघर्षरत बच्चों एवं देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों से संबंधित मामलों, समस्याओं एवं उनके संरक्षण हेतु उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूकता प्रदान करना था।
कार्यशाला में पुलिस विभाग के अधिकारियों, विभिन्न सरकारी विद्यालयों के अध्यापकों, डीएलएसए के पीएलवी सदस्यों एवं अन्य प्रतिभागियों ने भाग लेकर सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।कार्यशाला में दहेज निषेध अधिनियम, प्लास्टिक मुक्त हरियाणा-ग्रीन टुडे, सिक्योर टुमारो अभियान, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत, एन.आई. एक्ट की विशेष लोक अदालत तथा “समाधान समारोह” विशेष लोक अदालत से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रतिभागियों को प्रदान की गईं।
कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता श्री वी.पी.एस. सिद्धू ने विभिन्न सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए आमजन को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया।
जिला बाल संरक्षण इकाई, यमुनानगर के लीगल-कम-प्रोबेशन अधिकारी श्री रंजन शर्मा ने पॉक्सो एक्ट, 2012 एवं इसके महत्वपूर्ण संशोधनों के संबंध में प्रतिभागियों को जागरूक किया। उन्होंने बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों की रोकथाम, शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया, बाल संरक्षण तंत्र, विभिन्न हितधारकों की भूमिका तथा बच्चों को उपलब्ध कानूनी सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। जागरूकता एवं समय पर शिकायत बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई, यमुनानगर से आउटरीच वर्कर श्री गौरव शर्मा, सपोर्ट पर्सन सुश्री निशा तथा सपोर्ट पर्सन श्री विशेष भी उपस्थित रहे एवं उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
