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यमुनानगर, 17 दिसम्बर( )राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व सह अध्यक्षता राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया द्वारा की गई।

यमुनानगर, 17 दिसम्बर( )राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व सह अध्यक्षता राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया द्वारा की गई। समीक्षा बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया ने बताया कि राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के अंतर्गत जल संसाधन आंकड़ों के लिए एक राष्ट्रव्यापी कोष की स्थापना की गई है इसके अंतर्गत 1900 रियल टाइम डाटा, क्विजिशन स्टेशन की स्थापना की गई है और 6500 आरटीडीए के लिए ठेका पहले ही प्रदान किया जा चुका है, इसमें मुख्य सफलता जल संसाधनों के संबंध में आंकड़ों की भागीदारी के लिए सभी राज्यों को बोर्ड पर लाने की रही है, यह ऐसा कार्य है जिसे 2014 से पिछली कांग्रेस सरकारों द्वारा अधूरा छोड़ दिया गया था। जल शक्ति राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया ने एनएचपी के अंतर्गत किए गए मूल्यवान शोध कार्य को सार्वजनिक क्षेत्र में शेयर करने और विश्वविद्यालयों शोध संस्थानों को विश्वव्यापी अवश्य लाभ पहुंचाने और उसके प्रति योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि आंकड़ों को शेयर करने के लिए सभी राज्य हेतु एक राष्ट्रव्यापी नोडल वन पॉइंट मंच की स्थापना करती है। उन्होंने बताया कि विगत 4 वर्षों की अवधि में 70525 भूजल केंद्र स्थापित किए गए हैं। श्री कटारिया ने बताया कि 2014 वर्ष से पूर्व की कांग्रेसी सरकारों की उदासीनता के कारण विश्वसनीय ऐतिहासिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पाए हैं, लेकिन वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रभावशाली नेतृत्व में एनडीए सरकार द्वारा गलतियों में सुधार करने और जल संसाधन प्रबंधन में पहले बनाए गए निकट दृष्टि परिपेक्ष में सुधार करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि एनएचपी के माध्यम से कुछ बांधों के लिए प्रायोगिक आधार पर स्वचालित मोड में परिवर्तित कर दिया जाएगा। उन्होंने एनएसपी के क्रियान्वयन में हरियाणा सरकार के प्रयासों की सराहना की और बताया कि आवंटित किए गए बजट के संदर्भ में हरियाणा सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले 10 राज्यों में से एक है। इस बैठक में जल शक्ति मंत्रालय के सचिव यूपी सिंह, अपर सचिव श्रीमती देवा मुखर्जी, संयुक्त सचिव सुबोध यादव और एनएचपी के अधिकारियों ने भाग लिया।

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