यमुनानगर:-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-आयुष्मान भारत योजना
:- आज सिविल सर्जन कार्यालय में सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने एक प्रैस कॉफ्रैंस में जानकारी देते हुये बताया की आयुष्मान भारत योजना का मुख्य उद्देश्य भारत की जनता को एक स्वस्थ, सक्षम और समग्र जीवन प्रदान करना है। इस योजना के तहत भारत सरकार का 10 करोड़ परिवार अर्थात लगभग 50 करोड लोगों को 5 लाख रूपए तक का वार्षिक पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा देने का लक्ष्य रखा गया था।इस योजना के तहत भारतीय निवासियों को सार्वजनिक तथा नीजी अस्पतालों द्वारा नकदी-रहित उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। उच्च स्तरीय अस्पतालों में भर्ती व उपचार पर होने वाले खर्च की कवरेज दी जाती है। प्रति परिवार-प्रति वर्ष 5 लाख तक के बीमे की सुविधा प्रदान होगी। योजना के अन्तर्गत परिवार के सदस्यों की संख्या या उम्र की कोई पाबन्दी नहीं है। योजना में नामांकन के पहले दिन या उससे भी पहले से चल रही बिमारियो का उपचार इसके तहत किया जायेगा। इस योजना का लाभ भारत भर में सभी सूचीबद्ध लोगों को होगा।जिला यमुनानगर में आयुष्मान भारत योजना के बारे में जानकारी देते हुऐ डॉ. दहिया ने बताया कि जिला यमुनानगर प्रदेश में आयुष्मान के गोल्डन कार्ड बनाने में तीसरे स्थान पर है तथा अब तक कुल एक लाख साठ हजार लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिला यमुनानगर में आठ सरकारी स्वास्थ्य संस्थाऐं तथा 22 निजी स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीकरण आयुष्मान भारत योजना के तहत हो चुका है, जहॉं से लाभार्थी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक जिला यमुनानगर में सरकार द्वारा 15 करोड 30 लाख रूपये की स्वास्थ्य सेवाऐं योजना के तहत 25 हजार आयुष्मान लाभार्थीयों को प्रदान की गई हैं।सिविल सर्जन ने बताया कि जिला यमुनानगर में एक आयुष्मान वाहन का आरम्भ किया गया था, जिसका उद्देश्य शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में जाकर लाभार्थीयों के निशुल्क गोल्डन कार्ड बनाना था। उन्होंने बताया कि इन वाहन की पहल जिला यमुनानगर द्वारा की गई थी तथा जिसे राष्ट्रिय स्तर पर भी सराहा गया है परन्तु कोरोना के चलते सरकारी दिशा निर्देशानुसार इसकी सेवाओं को कुछ समय के लिये बंद कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि अब 7 दिसम्बर 2020 से इस सेवा को पुन: आरम्भ किया गया है तथा 19 जनवरी 2021 तक जिला यमुनानगर के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर गोल्डन कार्ड बनायेगी तथा विशेषकर 130 गांव जहॉं एक भी गोल्डन कार्ड नहीं बना है, वहॉं गोल्डन कार्ड बनवायेगी।सिविल सर्जन डॉ. दहिया द्वारा सिविल सर्जन कार्यालय से पुन: आयुष्मान वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान भी आयुष्मान भारत योजना के तहत 925 लाभार्थीयों की जॉंच व उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना में लाभार्थियों की सूची 2011 के सर्वे पर आधारित है तथा इसमें किसी भी नये परिवार को जोड़ा या हटाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि जो परिवार पहले से आयुष्मान लाभार्थी है, उस परिवार में नये जन्में बच्चे या नवविवाहित वधु का नाम जोड़ा जा सकता है तथा यदि किसी व्यक्ति के नाम में कोई त्रुटी हो तो उसे विधी पूर्वक ठीक कराया जा सकता है, अभी तक यह अधिकार केवल जिला नॉडल अधिकारी के पास था परन्तु अब खण्ड स्तर पर प्रवर चिकित्सा अधिकारी, पटवारियों व गांव के सरपंच को प्रदान कर दिये गये हैं। उन्होंने सभी से अपील की है कि आयुष्मान लाभार्थी अपने निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र/सी.एस.सी. सैंटर पर जाकर अपना गोल्डन कार्ड अवश्य बनवायें तथा योजना का लाभ उठायें।



