यमुनानगर:कर्मचारियों को निकालने के विरोध में 12 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय की करेंगे घेराबंदी
यमुनानगर:सिविल हॉस्पिटल में जिला के सभी सीएचसी, पीएचसी व ईएसआई के स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों की 12 जनवरी के उपायुक्त कार्यालय घेराव को लेकर जिला सचिव राजपाल सांगवान की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई,जिसमें जिले के तमाम सीएचसी, पीएचसी व ईएसआई हॉस्पिटल के स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों ने बढ़चढ़कर भाग लिया । बैठक में मुख्य तौर पर पहुंचे सीटू के जिला कोषाध्यक्ष रामकुमार काम्बोज व गुलशन भारद्वाज ने बताया कि सरकार द्वारा धड़ाधड़ सभी विभागों का निजीकरण कर बड़े कारपोरेट घराने की कंपनियों के हवाले करने की लगातार कोशिश की जा रही है, जिस कारण से रोजगार बचाना मुश्किल हो गया है, जिन स्वास्थ्य कर्मचारियों को सरकार ने कोरोना योद्धा का नाम दिया था, उन्होंने कोरोना महामारी में अपनी जान जोखिम में डालकर जनता को बीमारी से बचाने का कार्य किया।उन कोरोना योद्धाओं को सरकार द्वारा सम्मानित करने की बजाए उन्हें प्रताडि़त करके उनके मान सम्मान को ठेस पहुंचाने का कार्य कर रही है । ठेकेदार के द्वारा मिलीभगत करके जो कर्मचारी पहले से लगे हुए है, उन कर्मचारियों को बिना वजह निकालकर नए कर्मचारियों को पैसे लेकर भर्ती किये जा रहे है, इसका ताजा उदाहरण ईएसआई हॉस्पिटल जगाधरी में सिक्योरिटी गार्ड नीलम को हॉस्पिटल की एम एस के द्वारा नौकरी से बर्खास्त करवा दिया है,जिसके लिए संघ लगातार आंदोलनरत है।उन्होंने बताया कि 14 हजार के करीब स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों को तीन तीन महीने की एक्सटेंशन देकर उनके साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है,बल्कि कुछ जिलों में तो तीन महीने की एक्सटेंशन की आड़ में टेंडर निकालकर अपने चहेतों की भर्ती करने की साजि़श रची जा रही है,जिसका स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन कड़ा विरोध करेगा,किसी भी सूरत में नए कर्मचारियों को बाहर नही निकलने दिया जाएगा । संघ नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों की तीन महीने की सेवा विस्तार की ढकोसलेबाजी छोड़कर सभी को एक साल की एक्सटेंशन व पे-रोल पर ले ईएसआई हॉस्पिटल जगाधरी से सिक्योरिटी गार्ड नीलम सहित अन्य निकाले गए कर्मचारियों को डयूटी पर वापिस ले कर्मचारियों में भेदभाव की नीति छोड़कर एक समान डयूटी ले नही तो 12 जनवरी को जिले के सभी सीएचसी पीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारी उपायुक्त कार्यालय की घेराबंदी करेगा, जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।

