यमुनानगर, 16 जून:हरियाणा सरकार के "ड्रग फ्री हरियाणा" अभियान के तहत मंगलवार को यमुनानगर के सरस्वती विद्या मंदिर में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने शिरकत की और विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अभिभावकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कहा कि जीवन का पहला पाठ बच्चा अपने घर से सीखता है। यदि माता-पिता बच्चों की गतिविधियों, मित्र मंडली और दिनचर्या पर शुरू से ही ध्यान दें तो उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अच्छे संस्कार और सही मार्गदर्शन से ही नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नशामुक्त हरियाणा के संकल्प को साकार करने के लिए पुलिस विभाग लगातार प्रयासरत है और भविष्य में जिले के प्रत्येक स्कूल और कॉलेज को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता आईटीआई प्राचार्य अमित सांगवान ने की। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
मुख्य वक्ता डॉ. लुहांसी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि युवाओं के साथ नशे के विषय पर खुलकर चर्चा करना आवश्यक है ताकि वे सही और गलत का अंतर समझ सकें। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनका शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है।उच्च शिक्षा विभाग से डॉ. सोनिया ने कहा कि "ड्रग फ्री हरियाणा" का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग इस जनअभियान का हिस्सा बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान पीआरओ आउटरीच राजीव रंजन ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस विभाग का उद्देश्य जागरूकता के माध्यम से नशामुक्त समाज की स्थापना करना है।कार्यशाला में लगभग 500 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया। इसके अलावा आईटीआई एवं विभिन्न राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थी और शिक्षक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में इंस्पेक्टर नारकोटिक्स महरूफ, एसएचओ सिटी वीरेंद्र, एंटी ड्रग टीम इंचार्ज इंस्पेक्टर रविंद्र तथा अन्य पुलिस अधिकारियों का विशेष योगदान रहा।उल्लेखनीय है कि "ड्रग फ्री हरियाणा" अभियान की शुरुआत सिरसा से हुई है और यह फतेहाबाद, पंचकूला, यमुनानगर, पानीपत, कैथल, झज्जर, सोनीपत तथा गुरुग्राम होते हुए 26 जून को फरीदाबाद में संपन्न होगा।
