यमुनानगर, 18 दिसम्बर( )केंद्रीय जल शक्ति और सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर तीन कृषि कानूनों के लिए उनका धन्यवाद किया व उनके द्वारा दिए गए सुझावों का भी समर्थन किया
December 19, 2020
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यमुनानगर, 18 दिसम्बर( )केंद्रीय जल शक्ति और सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर तीन कृषि कानूनों के लिए उनका धन्यवाद किया व उनके द्वारा दिए गए सुझावों का भी समर्थन किया। मुलाकात के बाद कटारिया ने कहा मेरे लिए बहुत संतोष की बात है कि नए कानून लागू होने के बाद इस बार एमएसपी पर सरकारी खरीद के भी पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए है। ऐसे समय में जब हमारी सरकार एमएसपी पर खरीद के नए रिकॉर्ड बना रही है, खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ रही है, कुछ लोग किसानों से झूठ बोल रहे हैं कि एमएसपी बंद कर दी जाएगी।
रतनलाल कटारिया ने किसान संगठनों से आग्रह किया है कि राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित कुछ लोगों द्वारा फैलाए जा रहे इस सफेद झूठ को पहचाने और इसे सिरे से खारिज करें। जिस सरकार ने किसानों को लागत का डेढ़ गुना एमएसपी दिया, सरकार ने पिछले 6 साल में एमएसपी के जरिए लगभग दोगुनी राशि किसानों के खातों में पहुंचाई, वह सरकार एमएसपी कभी बंद नहीं करेगी। एमएसपी जारी है और जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए किसान कल्याण, उनके जीवन की सबसे अहम प्रतिबद्धताओं में से एक है। किसानों की आय बढ़ाने, उनके जीवन में समृद्धि लाने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यह सरकार लगातार फैसले ले रही है। बीते 6 वर्षों में किसान को सशक्त करने के लिए हमारी सरकार द्वारा बीज से बाजार तक हर वह फैसला लिया गया है, जो किसान के लिए खेती को और आसान बनाएं, उनकी मुश्किलें कम करें और मुनाफा बढ़ाएं। आप भी जानते हैं कि हमारे देश में 80 फ़ीसदी छोटे किसान है, जिनकी पास 1-2 एकड़ ही जमीन है। ऐसे किसान आजादी के बाद से ही खेती सिर्फ पेट पालने के लिए करते रहे हैं। सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उनका बहुत बड़ा लाभ इन छोटे किसानों को हो रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए 6000 सालाना आपको देने के पीछे यही मकसद है कि मुश्किल वक्त में आप कर्ज ना लें, फसल बीमा का कवच आपको प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई फसल की भरपाई करता है।
उन्होंने कहा कि सोयल हेल्थ कार्ड से किसान को अपनी जमीन की सेहत का सही पता चल रहा है तो नमी कोटिंग यूरिया ने खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाकर किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है द्य अन्नदाता ऊर्जा दाता भी बने, देश इस लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंडिया चालू हैं और चालू रहेंगी। एपीएमसी को और अधिक मजबूत किया जा रहा है, इसके साथ साथ खुला बाजार आपको अपने घर पर ही अपनी उपज को अच्छे दामों पर बेचने का विकल्प भी देगा। साथ में खेत से मंडी तक अनाज ले जाने का भाड़ा भी बचेगा। फिर मंडी का विकल्प तो है ही, कृषि उपज मंडीया पहले की तरह काम करती रहेंगी। बीते 5-6 वर्षों में कृषि मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। इन्हें आने वाले समय में और आधुनिक बनाया जाएगा, जिन लोगों की राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है, वह लोग पूरी तरह से यह काल्पनिक झूठ फैला रहे हैं कि किसानों की जमीन छीन ली जाएगी। जब किसान और व्यापारी के बीच एग्रीमेंट सिर्फ उपज का होगा तो जमीन कैसे चली जाएगी, नए कानून में साफ उल्लेख है कि जमीन पर किसान का ही मालिकाना हक रहेगा। जो सरकार गांव में रहने वाले हर परिवार को स्वामित्व योजना के जरिए उनके घर का भी मालिकाना हक प्रदान कर रही है, वह किसानों की एक इंच जमीन भी किसी को जाने नहीं देगी। हमारी सरकार की नीयत और नीति दोनों से किसान के हित में है। उन्होंने भारत के अन्नदाता से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर जी द्वारा दिए गए निम्नलिखित आश्वासनों पर विश्वास करें। एमएसपी के बारे में सरकार लिखित आश्वासन देने को तैयार है, एपीएमसी के बाहर निजी बाजारों पर राज्यों को कर लगाने की अनुमति दी जा सकती है,किसी भी प्रकार के विवाद के समाधान के लिए किसानों के पास अदालत में जाने का विकल्प भी होगा,राज्यों को कृषि समझौते पंजीकृत करने का अधिकार होगा,कोई भी किसानों की जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता, क्योंकि यह कानून किसानों की भूमि के किसी भी तरह के ट्रांसफर, बिक्री, लीज और गिरवी की अनुमति नहीं देता है,
कांट्रेक्टर किसानों की जमीन पर किसी भी तरह का स्थाई बदलाव नहीं कर सकते, कांट्रेक्टर को किसानों की जमीन पर उनके किसी भी अस्थाई निर्माण के लिए लोन नहीं दिया जा सकता, स्थिति चाहे कुछ भी हो, लेकिन कानून किसानों की जमीन को जप्त किए जाने की किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं देता है।

