हरियाणा:यमुनानगर:सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राज्यों के साथ ट्रांसजेंडर कल्याण समिति की बैठक हुई आयोजित
,केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने मंत्रालय के अधिकारियों तथा राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ ट्रांसजेंडर समन्वय के विषय पर बैठक ली, इस बैठक में मंत्रालय के राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया उपस्थित रहे,जल शक्ति सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया ने बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति समाज के हाशिए पर स्थित वर्गों में से एक है और उन्हें हर स्तर पर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सभी प्रकार के भेदभाव का सामना करना पड़ता है, उन्हें स्वास्थ्य संबंधित सेवा, शिक्षा, रोजगार,राजनीतिक अधिकारों को प्राप्त करने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, समाज में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने और विकास के लिए इनकी समस्याओं का समाधान करना आवश्यक है ,ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को अन्नाय से बचाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए भारत की संसद में उभय लिंगी व्यक्ति अधिनियम 2019 पारित किया है जो 10 जनवरी 2020 से लागू हो गया है, इसके अलावा उभयलिंगी व्यक्ति नियमावली 2020, 25 सितंबर 2020 को अधिसूचित की गई थी जिसमें इस समुदाय के लोगों को पहचान पत्र जारी करने, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य लाभ, रोजगार, स्वास्थ्य देखभाल सार्वजनिक परिवहन, सार्वजनिक जीवन में भेदभाव को खत्म करने के लिए आवश्यक है इसके लिए राष्ट्रीय परिषद का गठन का प्रावधान है मंत्री कटारिया ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ट्रांसजैंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, देश का विकास तभी संभव होगा जब समाज के सभी वर्गों के लोगों का विकास हो और यही नरेंद्र मोदी सरकार का लक्ष्य है,मंत्री कटारिया ने बताया कि बैठक में सभी राज्य सरकारो से इस दिशा में प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कदम उठाने के लिए आग्रह किया गया है

