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यमुनानगर:-आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमन्त्री जन आरोग्य योजना

यमुनानगर:-आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमन्त्री जन आरोग्य योजना


 

यमुनानगर:-आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमन्त्री जन अरोग्य योजना:-माननीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की प्रिय व महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना है और यह अब तक विश्व की सबसे बड़ी योजना है। इस योजना के अन्तर्गत प्रति वर्ष प्रति परिवार को 5 लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करवाया जाता है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। देश में मैडिकल का 80 प्रतिशत खर्च लोग अपनी जेब से उठाते हैं। इस खर्च का बोझ आम आदमी पर न पड़े इसलिए सरकार ने आयुष्मान योजना लागू की है, जिसका लाभ देश के ऐसे गरीब व पिछड़े तबकों को मिलता है जो अपनी चिकित्सा का भार उठा पाने में सक्षम नहीं हैं।आयुष्मान भारत योजना में देश के 71.74 करोड़ परिवारों को अस्पतालों में ईलाज का खर्च नहीं देना पड़ता है। यह परिवार 5 लाख रूपये तक का ईलाज मुफ्त में करवा सकते है। यमुनानगर के उपायुक्त मुकुल कुमार ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना से हर परिवार में औसतन 5 सदस्यों के हिसाब से देश के 50 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश के लगभग 16 लाख परिवारों को लाभ देने के कदम उठाए हैं।उपायुक्त मुकुल कुमार ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमन्त्री जन आरोग्य योजना में ग्रामीण क्षेत्र के सुविधा हीन परिवारों और शहरी क्षेत्रों के कुछ तय पेशों में लगे परिवार शामिल किए गए हैं। ग्रामीण व शहरी दोनों ही क्षेत्रों में लाभार्थी परिवारों को तय करने के लिए सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना-2011 के आंकड़ों को आधार बनाया गया है। जिला यमुनानगर में

सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना-2011 के सर्वे के अनुसार शहरी व ग्रामीण के लगभग 93 हजार पात्र परिवार ऐसे हैं, जिनका डाटा ऑनलाईन दर्ज किया गया है तथा जिला में आयुष्मान मित्र भी नियुक्त कर दिए गए हैं, जो इन लाभार्थियों का पंजीकरण से लेकर चिकित्सा तक हर प्रकार की सुविधा मुहैया करवाने का कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत अभी तक यमुनानगर जिले के सरकारी क्षेत्र के पांच अस्पतालों को व निजी क्षेत्र के 14 अस्पतालों को मान्यता प्राप्त है।आयुष्मान योजना का मुख्य उद्देश्य भारत के वंचित व पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुचाना है। इस कार्यक्रम में बी.पी.एल. परिवारों के अतिरिक्त ऐसे परिवारों को भी शामिल किया गया है, जिनका केवल एक कमरे का कच्चा मकान है या जिनके परिवार में 16 से 59 वर्ष तक का कोई व्यक्ति नही है या ऐसी महिला का परिवार जिसमें 16 से 59 आयु तक का कोई पुरूष सदस्य नहीं है। ऐसा दिव्यांग परिवार जिसमें कोई सामान्य व्यक्ति नहीं है, अनुसुचित जाति व जनजाति के परिवार या भूमिहीन परिवार जो मजदूरी करते हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र से कूडा बीनने वाले, भिखारी, घरों में काम करने वाले, रेहडी वाले, मोची, मजदूर, इत्यादि व्यक्ति भी व्यवसायिक कर्मचारियों की श्रेणी में होते हुये इस योजना के लाभार्थी बने हैं।आयुष्मान भारत योजना प्रधानमन्त्री जन अरोग्य योजना में लागत को नियन्त्रित करने के लिए पैकेज दर के आधार पर ईलाज के लिए भुगतान किया जाता है। पैकेज दर में ईलाज से सम्बन्धित सभी लागत शामिल है। लाभार्थियों के लिए यह सुविधा कैशलैस व पेपरलैस लेन-देन की है। अस्पताल में दाखिल होने से पहले और छुट्टïी होने तक 1350 मैडिकल पैकेज, दवाईयां व जांच की सुविधा उपलब्ध है। पात्र परिवार में सदस्यों की गिनती व आयु को लेकर कोई सीमा तय नहीं है व पात्र परिवारों को न तो कोई पंजीकरण फीस देनी होती  है और न ही प्रीमियम भुगतान का करना होता है।

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