यमुनानगर:-सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने सक्रिय टी.बी. खोज अभियान के तीसरे चरण का शुभांरभ किया
,जिसमें उन्होंने 12 ई-रिक्षा को हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया।जो हर गांव में जाकर टी.बी. के प्रति लोगो को मुनादी द्वारा जागरुक करेंगे।उन्होंने यह बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी 5 जनवरी 2021 से 5 फरवरी 2021 तक उन व्यक्तियों के घर-घर जाकर खोजबीन करेंगे जो स्वास्थ्य केंद्र तक नही पहुंच पाते और जिनमें टी.बी. के लक्ष्ण मौजूद होते हैं, जैसे दो हफ्तों से ज्यादा खांसी, शाम को बुखार आना, वजन का कम होना, भूख न लगना।
डॉ. दहिया ने बताया कि यह इस अभियान के लिये मल्टीपर्पज हैल्थ वर्कर और आशा कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई है, इस टीम द्वारा घर -घर जाकर टी.बी. के लक्ष्ण वाले व्यक्तियों का सैपल लेकर नजदीकी सरकारी लैब में निशुल्क जाँच कराई जायेगी और दो दिन के अन्दर व्यक्ति का ईलाज शुरू करवाया जायेगा। सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि टी.बी. खोज अभियान के पहले चरण 16 अक्तूबर 2020 से 2 नंवबर 2020 के तहत 16 छुपे हुए टी.बी. मरीजों की पहचान की गई और टी.बी. खोज अभियान के दूसरे चरण 2 दिसम्बर 2020 से 16 दिसम्बर 2020 के तहत 29 छुपे हुए टी.बी. मरीजों की पहचान की गई।उप सिविल सर्जन(टी.बी.)डॉ. चारू कालडा ने बताया कि भारत को टी.बी. मुक्त बनाने का लक्ष्य 2025 तक तथा हरियाणा को टी.बी. मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य 2023 तक रखा गया है।जिसके चलते इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छुपे हुए मरीजो को खोजना है ताकि उनका जल्द से जल्द इलाज शुरू करवाया जाए और उद्देश्य को प्राप्त किया जा सके।आम जन से उन्होंने यह अपिल की है कि टी.बी. को जड से खत्म करने के लिये वे स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें।डॉ. चारू ने बताया कि टी.बी. के मरीजों की कॉन्सलींग के लिये सरकार द्वारा राष्ट्रीय कॉल सैन्टर चलाया जा रहा है, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा टी.बी. के मरीज से फोन (0120-6215600) द्वारा सम्पर्क किया जाता है तथा इसके अलावा यदि किसी भी व्यक्ति को टी.बी. के सम्बंध में जानकारी प्राप्त करनी हो तो वह 1800-116-666 पर सम्पर्क कर सकता है।


