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यमुनानगर जिले में लाॅकडाउन के दौरान 16 बाल विवाह के मामले आए सामने, एक एफआईआर हुई दर्ज

यमुनानगर जिले में लाॅकडाउन के दौरान 16 बाल विवाह के मामले आए सामने, एक एफआईआर हुई दर्ज



स्पेशल सेल फाॅर वुमेन एंड चिल्ड्रन टीम ने नाबालिक लड़कियों की जिंदगियों को तबाह होने से बचाया

2 साल के कठोर कारावास या एक लाख रुपये या दोनों जुर्मानों का है प्रावधान

आमजन बाल-विवाह की सूचना 97299-90159 पर या फिर महिला हेल्पलाइन 1091 पर दें

यमुनानगर:जिले में लाॅकडाउन के दौरान 16 बाल विवाह के मामले सामने आए। जिन पर डिस्ट्रिक्ट प्रोटेक्शन ऑफिसर कम चाइल्ड मैरिज प्रोबेशन ऑफिसर अरविन्द्रजीत कौर के नेतृत्व में महिला थाना की स्पेशल सेल फाॅर वुमेन एंड चिल्ड्रन की टीम द्वारा तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की गई। बाल विवाह के 16 मामलों में से 15 ऐसे विवाहों को तो विवाह होने से पहले ही रोक दिया गया। एक बाल विवाह के संदर्भ में नाबालिक लड़की के माता पिता की शिकायत पर नाबालिक लड़की से विवाह करने वाले लड़के और उसके परिवारजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला इन दिनों कोर्ट के संज्ञान में है। बता दें कि जिले की स्पेशल सेल फाॅर वुमेन एंड चिल्ड्रन डिस्ट्रिक्ट प्रोटेक्शन ऑफिसर कम चाइल्ड मैरिज प्रोबेशन ऑफिसर अरविन्द्रजीत कौर के नेतृत्व में जिले को बाल विवाह जैसे अपराधों से मुक्त करने के लिए प्रयासरत है। जिले के किसी भी कोने से बाल विवाह की सूचना मिलते ही यह टीम तुरंत मौके पर पहुंच कार्रवाई करती है टीम इंचार्ज डिस्ट्रिक्ट प्रोटेक्शन ऑफिसर कम चाइल्ड मैरिज प्रोबेशन ऑफिसर अरविन्द्रजीत कौर ने बताया कि उनकी टीम सन् 2008 से जिले में बाल विवाह जैसे अपराधों को रोकने के लिए प्रयासरत है। पहले की अपेक्षा अब जिले में बाल विवाह जैसे अपराधों में कमी भी हुई है। अभी भी जिले के अंतर्गत दूर दराज के गांवों में कुछ लोग अज्ञानता और गरीबी के चलते अपनी नाबालिक लड़कियों का विवाह छोटी उम्र में ही करने को तैयार हो जाते है। जब उन्हें इससे संबंधित कानून और सजा की जानकारी दी जाती है तो वो समझ भी जाते है। ऐसे लोगों पर उनकी टीम द्वारा नजर भी रखी जाती है।बाल विवाह रोकने के लिए केवल कानून ही काफी नहीं उन्होंने कहा कि बाल विवाह को रोकने के लिए केवल कानूनों को बनाना ही काफी नहीं है, इनके बारे में लोगों को जागरूक करना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि जिन लड़कियों की शादी छोटी उम्र में हो जाती है, उन्हें ना केवन अपनी पढ़ाई जल्दी छोड़नी पड़ती है। वे छोटी उम्र में ही घरेलू हिंसा झेलती हैं। कई बार तो एचआईवी एड्स का शिकार भी हो जाती हैं। गर्भावस्था के दौरान और बच्चा पैदा करते वक्त होने वाली परेशानियों की वजह से उनकी मौत भी हो जाती है। उन्होंने बताया कि उनकी टीम द्वारा समय-समय पर शिक्षण संस्थानों में सेमिनार का आयोजन करके छात्र और छात्राओं को जागरूक करने का भी कार्य किया जाता है। जिसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिले है।2 साल के कठोर कारावास या एक लाख रुपये या दोनों जुर्मानों का है प्रावधान :उन्होंने बताया कि यदि कोई वयस्क पुरुष जो 18 वर्ष से अधिक आयु का है, बाल विवाह करता है, तो उसे 2 वर्ष के लिए कठोर कारावास या एक लाख रुपये या दोनों का जुर्माना हो सकता है। इतना ही नहीं विवाह में सहायक होने वालांे के लिए भी दंड का प्रावधान है। यदि कोई व्यक्ति किसी भी बाल विवाह में सहायता करता है, आचरण करता है, निर्देशित करता है या उसका पालन करता है, तो उसे 2 वर्ष के कठोर कारावास या एक लाख रुपये या दोनों का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने बताया कि विवाह को बढ़ावा देने, अनुमति देने के लिए बच्चे के माता-पिता या अभिभावक या कोई अन्य संगठन के सदस्य सहित कोई व्यक्ति जो बाल विवाह को बढ़ावा देने या अनुमति देने के लिए कोई कार्य करता है या लापरवाही से इसे रोकने में विफल रहता है। इस तरह के विवाह में शामिल होने या भाग लेने सहित, इसे दोषी ठहराए जाने पर 2 साल तक के कठोर कारावास या एक लाख रुपये या दोनों का जुर्माना हो सकता है। इस अधिनियम के तहत अपराध संज्ञेय और गैर जमानती है फोन पर दें सूचना:-टीम इंचार्ज डिस्ट्रिक्ट प्रोटेक्शन ऑफिसर कम चाइल्ड मैरिज प्रोबेशन ऑफिसर अरविन्द्रजीत कौर ने कहा कि आमजन बाल-विवाह की सूचना 97299-90159 पर या फिर महिला हेल्पलाइन 1091 पर भी दें सकते है। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले का नाम गुप्ता रखा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि बाल विवाह पर उपस्थित जन समूह, बैंड बाजे, लाइट डेकोरेशन, ढोल वाले, पंडित हलवाई, घोडा बग्गी, कार्ड छापने वाले आदि को भी अपराधी माना जाता है एवं उनकी गिरफ्तारी का भी प्रावधान है। Special Cell for Women & Children:97299-90159

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