यमुनानगर:-पुलिस कर्मचारियों ने आपात स्थिति में रक्तदान कर,मानवता की मिसाल पेश की।
पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने अपने प्रवक्ता चमकौर सिंह के माध्यम से बताया कि उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय के रीडर उप निरीक्षक शेरपाल व सक्षम विभाग के कुणाल ने मानवता का परिचय देते हुए शहीद उधम सिंह लैब यमुनानगर में आपात स्थिति केस में अपना रक्तदान कर महानता की मिसाल पेश की है।पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कहा कि चिकित्सा की दृष्टि से तो एक महान कार्य है ही परन्तु सामाजिक दृष्टि से भी सर्वोच्च कार्य है। उन्होने कहा कि कोरोना जैसे आपातकाल में तो स्वास्थ्य संस्थानों में रक्त की आवश्यकता ओर भी बढ जाती है। उन्होंने बताया की रक्त दान हमारे लिये सदा ही लाभप्रद रहता है क्योंकि रक्त दान करने के पश्चात शरीर में नया रक्त बनता है जिससे बहुत सी बीमारियों से बचा जा सकता है तथा साथ ही साथ एक व्यक्ति के रक्त दान करने से किसी दूसरे व्यक्ति की जान बच सकती है, जो कि समाजिक तौर पर भी एक पुनीत कार्य है। हमें अपने जीवन में रक्तदान अवश्य करना चाहिए, क्योंकि रक्त सिर्फ मनुष्य से दूसरे मनुष्य को दिया जा सकता है इसका और कोई कोई हल नहीं है। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक महान कार्य है तथा थैलेसिमीया से ग्रस्त मरीजों के लिये रक्तदान प्राणदायक सिद्ध होता है, क्योंकि रक्त की कमी के चलते मरीज की मृत्यु भी हो सकती है तथा रक्त का कोई अन्य विकल्प भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान करने से उच्च रक्त चाप, दिल का दौरा, अधरंग, चर्म रोग आदि बीमारियों से छुटकारा मिलता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान के बाद शरीर में जो नए ब्लड सेल्स बनते हैं, उनमें किसी भी बीमारी से लडने की अपेक्षाकृत अधिक ताकत होती है। यह स्वच्छ व ताजा रक्त शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मददगार होता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने के अलावा रक्त एकत्रित करने का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसलिए हमें ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कि रक्तदान करता है वह शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है। रक्तदान करने से कभी भी कमजोरी नहीं आती। जो व्यक्ति रक्तदान करता उसका शरीर मात्र 24 घंटे में रक्त पूरा कर लेता है। इसलिए हमें ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिससे हमारे शरीर में खून की मात्रा भी पूरी रहे और हम पूरी तरह से स्वस्थ रहें। उन्होंने कहा कि रक्त एक ऐसी चीज है जिसे बनाया नहीं जा सकता और इसकी आपूर्ति का कोई विकल्प नहीं है और यह मनुष्य के शरीर में स्वयं बनता है। इसलिए हमें स्वयं रक्तदान के करने के अलावा दूसरें लोगों को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

