यमुनानगर:-हिंद की चादर और धर्म तथा मानवता की भलाई के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के चार सोवें प्रकाश उत्सव और गुरु नानक खालसा शिक्षण संस्थानों के दिवंगत उपाध्यक्ष सरदार स्वर्ण सिंह अटवाल की स्मृति में कॉलेज गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धापूर्वक धार्मिक आयोजन किया गया
।
इस अवसर पर मनमोहन सिंह ने अपने साथियों के साथ श्री सुखमनी साहिब का पाठ किया तथा गुरु महाराज जी की वाणियों पर आधारित शब्द कीर्तन भी किया।कॉलेज प्राचार्य डॉ मेजर हरिन्दर सिंह कंग ने बताया कि गुरु महाराज जी ने देश, धर्म, मानवता और संस्कृति की रक्षा के लिए शहादत देकर पूरे संसार में यह उदाहरण पेश किया कि जब भी मानवता के सामने संकट आ जाए तब किसी स्वार्थ या माया मोह में आए बिना अपना सर्वोच्च योगदान देना चाहिए। उन्होंने ने कहा कि आज कोरोना काल में भी मानवता के सामने विकट स्थिति आ कर खडी हो गई है ऐसे में खुद सुरक्षित रहते हुए संकट में फंसे लोगों की हरसंभव मदद करना ही समय की जरूरत है।उप प्राचार्य डॉ रवि कपूर ने कॉलेज प्रबंध समिति के दिवंगत उपाध्यक्ष सरदार स्वर्ण सिंह अटवाल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्व. अटवाल बहुत ही विद्वान, दूरदर्शी और भारत के प्रथम पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के भूतपूर्व विद्यार्थी थे। योजना आयोग तथा भारत सरकार के महत्वपूर्ण विभागों के साथ जुडक़र उन्होंने भारतीय कृषि व्यवस्था और कृषि क्रांति को नया आयाम देने का काम किया था। कॉलेज प्रबंध समिति के संरक्षक सरदार भूपेन्द्र सिंह जौहर और अध्यक्ष सरदार रणदीप सिंह जौहर ने भी स्व. अटवाल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्व. अटवाल अपनी आखरी सांस तक गुरु नानक खालसा शिक्षण संस्थानों के साथ जुड़े रहकर शिक्षा, समाज और देश की सेवा की है। उनका जाना एक अपूर्णीय क्षति है। इस अवसर पर कॉलेज के शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ के सदस्य सामाजिक दूरी का पालन करते हुए उपस्थित हुए।



