ग्राम करहेड़ा/यमुनानगर: पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजकीय उच्च विद्यालय करेड़ा खुर्द में पौधारोपण।
गुलमोहर और टिकोमा के पौधे रोपे 'पेड़ हैं सांसें, पेड़ हैं जीवन,पेड़ों की रखवाली हो, जगह जगह हरियाली हो' के संकल्प के साथ गांव करेड़ा खुर्द स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण अभियान चलाया गया। मुख्याध्यापक विपिन कुमार ने गुलमोहर का पौधा रोप कर अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संयोजन हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने किया। अभियान में संस्कृत अध्यापिका रजनी शास्त्री, प्राथमिक पाठशाला प्रभारी वीरेंद्र कुमार, वंदना शर्मा, लिपिक मंजू, एलए रवि कुमार, राजेंद्र कुमार, मिड डे मील वर्कर सुलोचना, बेबी, स्नेह ने हिस्सा लिया और गुलमोहर व टिकोमा के पौधे रोपे।मुख्याध्यापक विपिन कुमार ने कहा कि मौजूदा कोरोना महामारी मैं हमें ऑक्सीजन और पर्यावरण की अहमियत का ठोस रूप में अंदाजा हुआ है। पेड़ पौधे ऑक्सीजन का सबसे बड़ा स्रोत हैं। जितने अधिक पेड़ पौधे हम लगाएंगे और उनकी देखभाल करेंगे उतना ही हमारा पर्यावरण शुद्ध होगा।हिंदी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि उपभोक्तावादी संस्कृति ने हमारी जीवन शैली को पूरी तरह से विकृत कर दिया है। मनुष्य ने अधिक से अधिक उपभोग को अपना लक्ष्य बना लिया है। यही कारण है कि पेड़ों का अंधाधुंध कटाव किया जा रहा है। और इसके नतीजे भी हम भुगत ही रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेड़ पौधों के बिना हम अच्छे जीवन और संस्कृति की कल्पना नहीं कर सकते। हर एक अवसर पर हमें पेड़ पौधे लगाने की परंपरा और रीत बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कंकरीट के जंगल उगाने से नहीं होगा, वास्तविक जंगल उगाने से ही सच्चा विकास होगा।प्राथमिक पाठशाला के प्रभारी वीरेंद्र कुमार ने कहा के लगाए गए पौधों की सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल हमारा लक्ष्य होना चाहिए।