विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्र स्तरीय ऑनलाइन प्रतियोगिताओं में जीएनजी कॉलेज की छात्राओं ने मारी बाजी
धरती के लिए सबसे बड़ा खतरा, यह सोच है कि इसे हम नहीं कोई और बचाएगाः डॉ अनु अत्रेजा
यमुनानगर:5 जून:विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्र स्तरीय ऑनलाइन प्रतियोगिताओं में संतपुरा स्थित गुरू नानक गल्र्स कॉलेज की बीएससी मेडिकल तृतीय वर्ष की आंचल गौड़ और प्रिया शर्मा ने दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर कॉलेज निर्देशिका डॉ वरिन्द्र गांधी और प्रिंसिपल डॉ अनु अत्रेजा ने दोनों छात्राओं और स्टाफ सदस्यों को बधाई दी। डॉ वरिन्द्र गांधी ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत साल 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा की गई थी। जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को हर साल पर्यावरण में हो रहे बदलाव से अवगत करवाना और पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए जागरुक करना था। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए कॉलेज में हर वर्ष पर्यावरण दिवस का आयोजन किया जाता रहा है। इस बार भी कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते यह कार्यक्रम ऑनलाइन मनाया जा रहा है। जिसमें सभी छात्राएं व स्टाफ सदस्य घरों में रहते हुए राष्ट्र स्तरीय व कॉलेज स्तरीय प्रतियोगितों में अपना संपूर्ण सहयोग दे रहे है।
प्रो डॉ गुरिन्द्रजीत कौर ने बताया कि गवर्नमेंट पीजी कॉलेज फॉर वुमेन, रोहतक की साईंस सोसायटी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस और जैव विविधता दिवस के उपलक्ष में राष्ट्र स्तरीय ऑनलाइन प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया गया था। जिसमें कॉलेज की छात्राओं ने भी बढ़ चढ़ कर अपनी प्रतिभागीदारी निभाई। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पौधा रोपण प्रतियोगिता में आंचल गौड़ दूसरे और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रिया तीसरे स्थान पर रही। इस अवसर पर प्रिंसिपल डॉ अनु अत्रेजा ने कहा कि हमें प्रकृति का सम्मान करना चाहिए। कोरोना वायरस से दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन के बीच मानवीय गतिविधियों में कमी से प्रकृति को खुद को क्लीन करने का समय मिला है। उन्होंने कहा कि आज के दिन हमें दुनियाभर में पर्यावरण ने हमें जो कुछ भी दिया है, हमें उसका सम्मान करना और इसकी रक्षा करने की प्रतिज्ञा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे प्लेनेट के लिए सबसे बड़ा खतरा सबकी यह सोच है कि इसे हम नहीं कोई और बचाएगा।