Hot Widget

Type Here to Get Search Results !

यमुनानगर:-हरियाणा चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री यमुनानगर चैप्टर ने पारस हॉस्पिटल पंचकूला के सहयोग से एक वर्चुअल बैठक का आयोजन किया जिसमें विस्तार से कार्डियक केयर इन कोविड टाइम्स के बारे में बताया गया

यमुनानगर:-हरियाणा चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री यमुनानगर चैप्टर ने पारस हॉस्पिटल पंचकूला के सहयोग से एक वर्चुअल बैठक का आयोजन किया जिसमें विस्तार से कार्डियक केयर इन कोविड टाइम्स के बारे में बताया गया



Headline(toc)

मुख्य वक्ता के रूप में पारस हॉस्पिटल से के हृदय रोग डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉक्टर हरिंदर बाली मौजूद रहे। 

बैठक की अध्यक्षता हरियाणा चेंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रधान उम्रेश सोंधी ने करी और बैठक का संचालन चैम्बर के महासचिव सुमीत गुप्ता ने किया। 

डॉक्टर हरिंदर बाली ने बताया कि कोरोनावायरस रोग गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम कोरोनावायरस 2 के कारण होता है।कोरोना वाइरस के मरीज़ों में आमतौर पर श्वसन पथ के संक्रमण के लक्षणों की उपस्थिति होती हैं, लेकिन कोरोना मरीज़ों में हृदय संबंधी समस्याएँ आम हैं।  इनमें मायोकार्डिटिस, कार्डियक माइक्रोवैस्कुलर डिसफंक्शन या एपिकार्डियल कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण प्लाक रप्चर शामिल हैं।उन्होंने कहा कि यह देखा गया है कि हृदय रोग और मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी सहवर्ती स्थितियों की उपस्थिति अक्सर उच्च कोरोना बीमारी की गंभीरता से जुड़ी होती है।उन्होंने कहा कि हृदय रोग और कोरोना वाइरस बीमारी के बीच सीधे संबंध के अलावा, महामारी के परिणामस्वरूप दिल के दौरे और अन्य हृदय संबंधी आपात स्थितियों वाले रोगियों कि अस्पतालों में इलाज में देरी हुई है जिससे मृत्यु दर में वृद्धि हुई है।  इसलिए रोगियों के लिए समय पर हृदय संबंधी आपात स्थितियों के लिए चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण है।डॉक्टर बाली ने कहा की कार्डियोवैस्कुलर कॉमरेडिडिटी वाले रोगी उच्च कोरोना वाइरस गंभीरता के लिए अतिसंवेदनशील होते हैं, इसलिए उनके लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे जल्द से जल्द टीका लगवाएं।डॉक्टर डॉक्टर बाली ने कहा कि लोग कोरोना संक्रमण के साथ साथ ब्लैक फंगस रोग  को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि लोगों को ज़्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है,ये छूने से नहीं फैलती। यह कोई नई बीमारी नहीं है ये पुरानी बीमारी है और इसका इलाज संभव है उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस रोग के भारत में कुछ मामले सामने आए हैं जबकि ब्लैक फंगस से अधिक ख़तरनाक व्हाइट फंगस है परंतु इसका उपचार संभव है। उन्होंने बैठक में जुड़े लोगों से इस रोग का होने के कारण उससे बचने के लिए अपनायी जाने वाली सावधानियों और उसके उपचार की विस्तृत जानकारी दी।मौक़े पर एच॰सी॰सी॰आई॰ के अध्यक्ष उम्रेश सोन्धी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश सोन्धी, महासचिव सुमीत गुप्ता, कोषाध्यक्ष आदित्य चावला, सचिव चिराग़ विनायक, राज चावला, भारत गर्ग, नरेंद्र गुप्ता, शशि बंसल, अशोक गोयल, संत कवात्रा, नरेश गर्ग, सुधीर चंद्रा, संदीप गोयल, बी॰एस॰ बाँगा, अरुण मोंगिया, दीपन गर्ग, अश्वनी कौशिक, सतपाल चोपड़ा, हरप्रीत सिंह, आशीष लूथरा, विभोर पहुजा, दीपक सोन्धी आदि मौजूद रहे।

Post a Comment

0 Comments

Top Post Ad

Below Post Ad