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आढ़तियों ने एमएसपी, लाइसेंस, मजदूरी और मार्केट फीस से जुड़े मुद्दों पर सरकार व जिला प्रशासन से समाधान मांगा है
एसोसिएशन के जिला प्रधान मुनीष काबोज के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में बताया गया कि हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है और किसानों के साथ आढ़ती भी कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं। बावजूद इसके, आढ़तियों को कई नीतिगत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में मुख्य रूप से गेहूं-धान की सरकारी खरीद पर मिलने वाली आढ़त बढ़ाने की मांग उठाई गई है। आढ़तियों का कहना है कि वर्तमान में दी जा रही आढ़त लागत के अनुरूप नहीं है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके अलावा मंडियों में गेट पास प्रणाली में सुधार, लाइसेंस रिन्यू प्रक्रिया को सरल बनाने और इसे ऑनलाइन करने की मांग भी की गई है।
आढ़तियों ने उठान व सफाई मजदूरी को अलग से देने, मार्केट फीस और एचआरडीएफ की दरों को तर्कसंगत बनाने तथा धान-गेहूं खरीद में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने की बात भी रखी। वहीं, पिछले सीजन में गर्मी के कारण हुए नुकसान की भरपाई और लंबित भुगतान जल्द जारी करने की भी मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि मंडियों में लागू कुछ नियम जमीनी हकीकत से दूर हैं, जिन्हें बदलने की जरूरत है। साथ ही अन्य राज्यों की तर्ज पर नीतियों में सुधार कर व्यापार को आसान बनाने पर जोर दिया गया।
अंत में एसोसिएशन ने सरकार से मांग की कि आढ़तियों को मिल रही धमकियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि वे सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।
एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालेगी।
इस अवसर पर प्रधान मनीष कंबोज, उपप्रधान रणधीर सिंह छछरोली शिव कुमार संधाला, संजय गुप्ता, नवनीत चहल, जगबीर सिंह, संदीप मित्तल, ठाठ सिंह, जसबीर सिंह, प्रदीप गर्ग, गुरमीत सांगवान, मांगेराम सरस्वती नगर, बंसीलाल प्रतापनगर, संदीप टोपरा, मौजूद रहे
