जिला आबकारी एवं कराधान विभाग यमुनानगर द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, स्कीम के तहत सात कराधान अधिनियमों में लंबित मामलों को शामिल किया गया है। एक लाख रुपये तक के कर बकाया मामलों में कर, ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा सरकार ने हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम 1973 के पुराने मामलों में भी विशेष राहत दी है। एक लाख रुपये तक के बकाया मामलों में पूर्ण छूट और अन्य मामलों में 70 प्रतिशत तक कर छूट प्रदान की जाएगी, जबकि ब्याज और जुर्माना पूरी तरह माफ होगा।
इस स्कीम की एक और खास विशेषता यह है कि फॉर्म सी, फॉर्म एफ, फॉर्म एच, फॉर्म आई, फॉर्म ई-1, फॉर्म ई-2, टैक्स इनवॉइस, टैक्स टीडीएस और अन्य वैधानिक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत नहीं करने के कारण जिन व्यापारियों पर कर बकाया बन गया था, उन्हें भी राहत दी गई है। ऐसे मामलों में व्यापारी अब संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर बकाया राशि में छूट प्राप्त कर सकते हैं। विभाग ने इन दस्तावेजों को स्वीकार करने के लिए विशेष प्रक्रिया भी शुरू की है। हालांकि यह सुविधा केवल उन दस्तावेजों के लिए होगी जिन्हें पहले किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा अस्वीकार नहीं किया गया है।
अन्य छह अधिनियमों के तहत एक लाख से दस लाख रुपये तक के मामलों में 60 प्रतिशत, दस लाख से एक करोड़ तक 50 प्रतिशत, एक करोड़ से दस करोड़ तक 40 प्रतिशत, दस करोड़ से तीस करोड़ तक 35 प्रतिशत तथा तीस करोड़ से साठ करोड़ रुपये तक 30 प्रतिशत कर छूट का प्रावधान किया गया है। सभी श्रेणियों में ब्याज और जुर्माना राशि पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।
स्कीम के तहत लंबित अपीलों और मुकदमों में शामिल व्यापारी भी अपनी अपील या मुकदमा वापस लेने की शर्त पर आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने भुगतान को आसान बनाने के लिए किस्तों की सुविधा भी दी है।
जिला आबकारी एवं कराधान विभाग यमुनानगर ने पात्र व्यापारियों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने पुराने कर विवादों का निपटारा करें और सरकार द्वारा दी जा रही विशेष छूट का फायदा उठाएं।
सौजन्य : जिला आबकारी एवं कराधान विभाग, यमुनानगर।
